नेस्ले इंडिया युनियन की मान्यता तथा बातचीतमे हुई चौथी जीत

भारतमे नेस्लेका सबसे नया (2005) और सबसे बडा प्लँट जो पंतनगरमे स्थित है, वहां 5 जनवरीको कामगारोंके वेतन तथा अन्य सहुलतोंपर पहले सांझा समझौतेपर हस्ताक्षर किये गये जिसमे अन्य तीन सहयोगी प्लँटकी युनियन्सभी आय यु एफसे संलग्न फेडरेशन ऑफ ऑल इ‍ंडिया नेस्ले एम्प्लॉइजके साथ जुड गयी । और आखिर नौकरी की शर्तोंके बारेमे बहस के अधिकारको हासील कर लिया जिसे व्यवस्थापनने व्यावसायिक गोपनीय बात करार दिया था ।

मार्च 2009 मे नेस्ले मजदुर संघ (नेस्ले वर्कर्स युनियन) की स्थापना हुई तबसे इस मुलभूत अधिकारके लिए कडा संघर्ष चल रहा था । कामसे निकाले गये कामगारोंको कामपर वापस रखनेके लिए, कामका पुनर्विभाजन और युनियनकी स्थापनापर रोक लगानेकेलिए व्यवस्थापनसे हो रहे हस्तक्षेपके विरोधमे मजदुरोंको जाहीर निदर्शन और अन्य तरीकोंसे आंदोलन करना पडा । मई 2009 मे व्यवस्थापनने 4 यु‍नियन कार्यकर्ताओंको निलंबित किया । ट्रेड युनियन अधिकारोंके लिए तथा अन्यायकारी निलंबनोंके खिलाफ चल रही 4 दिनकी हडतालके बाद हुए त्रीपक्षीय समझौतेपर हस्ताक्षर करनेके केवल एक दिन बाद ही यह निलंबन हुए । सितंबरमे युनियनका कानूनी पंजीकरण हुआ ।

समझौतेमे आखिरकार व्यवस्थापनने युनियनका संस्थापक सदस्य रहे कामगारका निलंबन पिछे लिया और वह अब कामपर लौट आया है ।

0 Responses to “नेस्ले इंडिया युनियन की मान्यता तथा बातचीतमे हुई चौथी जीत”


Comments are currently closed.

DEFOI Newsletter

The November 2010 issue of the Dairy Employees' Federation of India (DEFOI) newsletter is available to download in PDF.

English (96kb)
Hindi (156kb)