आय यु एफ से जुडे DEFOI का दुसरा वार्षीक सम्मेलन 24,25 मार्चको संपन्न हुआ । इस सम्मेलनमे सहभागी कार्यकर्ताओंको उत्तरप्रदेश राज्य सरकारकी डेअरी को ऑप प्रक्रिया युनिट्सकी बरबादीकी प्रति दिखायी देनेवाली संवेदनशून्यताके ताजा आंकडे देखकर झटका लगा । उत्तरप्रदेश देशका सबसे बडा दूध उत्पादक राज्य है ।
उत्तरप्रदेशके 39 को ऑपरेटीव्ह दूध प्रक्रिया प्लॅंट्सके ट्रेड युनियन्सकी फेडरेशन पीसीडीएफ ट्रेड युनियन मंचने बताया की 3 प्लॅंट पहलेही बंद हो चूके है तथा 3 और प्लॅंट दूधकी संकलनकी कमीका सामना कर रहे है । और कइ प्लॅंट्स (करीब 14) पुरी तरह बंद होनेकी कगार पर है जिससे हजारो मजदुरोंसे काम छिन जायेगा और उन कइ सारे छोटे किसानोंपर क्या बीतेगी उस बारेमे कुछ कहाभी नही जा सकता जिनके दूधको को-ऑपरेटीव्ह जितना भाव मिलनाभी मुष्कील होगा । Continue reading ‘डेअरी एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडीयाने (DEFOI) शुरु की नयी मुहीम “उत्तर प्रदेशकी डेअरी को ऑपरेटीव्ह्ज बचाओ” ।’
होटल एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडीया (HEFOI) के प्रतिनिधीयोंके द्वितीय सम्मेलनमे आय यु एफसे जुडनेका ऐतिहासिक निर्णय लिया गया । 21 मार्च 2011 को गोवामे संपन्न हुए इस सम्मेलनमे 7 राज्योंकी 46 स्थानिक युनियन्सके प्रतिनिधियोंने हिस्सा लिया था ।
HEFOI 2007 मे स्थापित हुइ भारतके होटल और कॅटरींग मजदुरोंकी पहली राष्ट्रीय ट्रेड युनियन है जो इस उद्योगके मजदुरोंको किसीभी राजकीय पक्षसे अलग रहकर संगठीत कर रही है । Continue reading ‘भारत : HEFOI द्वारा संगठीत होटल मजदुरोने आययुएफसे जुडनेके पक्षमे मत दिया ।’
होटल एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडीया (HEFOI) ने 10 % सेवा मूल्य (सर्व्हिस चार्ज) के लिए चल रहे राष्ट्रीय मुहिमके हिस्से के तौरपर, तथा कोवालम, केरलमे HEFOI के राष्ट्रीय कार्यकारिणीकी चल रही सभाका संजोग पाकर 17 दिसंबर 2010 को केरल सरकारके विधान भवनके बाहर निदर्शन किया ।
त्रिवेंद्रममे संपन्न हुइ सभाके प्रमुख वक्ताओंमे डॅनिअल राफोस (जिल्हा उपाध्यक्ष), दिनेश के एस (संगठक सचिव), आजू (संगठक सचिव), HEFOI के महासचिव सुभाष जॉर्ज और अध्यक्ष वासुदेवन तथा आयुएफ एशिया पॅसिफिकके सचिव मा वेइ पिन और आय यु एफ के फ्रॅंकलिन डीसुझाभी शामील थे । Continue reading ‘केरलके HEFOI के सदस्य कर रहे है मांग 10 % सेवामूल्यकी मांग’
‘हमारे अरबोंके ब्रॅंडसे, नये उभरते मार्केटपर विशेष ध्यान देते हुए हम देते है कॅश, समृद्धी और संपूर्ण कार्यक्षमता । ’ पूंजीकी लागत करनेवालोंके लिए किया गया यह प्रदर्शन क्या नेस्लेका ‘अजेंडा’ है ? लेकिन इंडोनेशियाके पॅन्जांगमे अरबोंके नेसकॅफे उत्पादनोंको बनानेवाले कामगारोंके मूलभूत अधिकार उन्हे बहाल करनेमे वो नाकामयाब रहे है ।
नेस्ले मॉडेल अपने शेअरहोल्डर्सको कॅश, कॅश और ज्यादा कॅश देता है । नेस्लेने 17 नवंवर को अपने शेअरहोल्डर्सके लिए शेअर्ड व्हॅल्यूका निर्माण करते हुए मॉर्गन स्टेनले कंझुमर कॉनव्हरन्सपर निरंतर हातोडा मारा है । Continue reading ‘कॅश देते है लेकिन हक नही देते : नेसप्रेशर रोको’
अस्थायी नौकरियोंका कारवां बढता जा रहा है और अबकी बार वैश्विक अस्थायी एजन्सीयोंके क्षतिकर अस्त्र चलाये जा रहे है रशियाकी युद्धभूमीपर ।
रशियन डुमाके (संसद) दो सदस्योंने, जिनमेसे एक खादान तथा धातू उद्योग युनियनके अध्यक्ष है, नया कानून बनानेके लिए एक मसुदा बनाया है , जो देशमे अस्थायी कामगार एजन्सीयोंपर पुरी तरहसे रोक लगानेमे कामयाब होगा । इस कानूनके मुताबिक सभी जगह नौकरीके सिधे करारोंका इस्तेमाल होना जरुरी है जो की फिलहाल रोका गया है मजदुर और असली मालिकोंके बीचमे मजदुर एजन्सीके होनेसे निर्माण हुए तिकोनीय रीश्तेके जरीये । इसी वजहसे अस्थायी मजदुर एजन्सीके मालिकोंके आंतरराष्ट्रीय असोसिएशनने इसमे पुरी ताकदसे हस्तक्षेप किया है, सिएट जो रशियाके कानून बनानेवालोंको मजदुरोंके हीतकी रक्षाके नामपर संगठीत कर रहे है । Continue reading ‘अस्थायी मजदुर एजन्सीयोंके वैश्विक हानिकारक कारनामोंसे निपटना’
कॅफे द कोरलमे मे खानेके अवकाशके समयका वेतन काटनेके व्यवस्थापनके एकतरफा फैसलेका युनियनने पुरी ताकदसे विरोध किया जिससे कंपनीको अपना फैसला कुछही दिनोंमे बदलकर खानेके अवकाशके समयका वेतन देना पडा । Continue reading ‘संगठीत कोशीश तथा निदर्शनोंने हॉंगकॉंगकी फास्टफूडकी बडी कंपनीमे होनेवाली वेतन कटौतीको रोका – वेतन बढाया !’
हॉंगकॉंगके मालिकोंको हमेशाही कम मजदुरी देकर स्पर्धात्मक कामगार मार्केटका समर्थन करते पाया गया है । इतनी कम मजदुरी जो कभीभी बकायदा किमान वेतन नही मानी जा सकती । बढते उत्पादनकी पार्श्वभूमीपर सेवा क्षेत्र संवेदनशील संघर्षक्षेत्र बना है ।
इस साल जुलाईमे किमान वेतन कानून अंमलमे लाया गया जिसमे पहली बार मुख्य कार्यकारीने किमान वेतन निश्चितीके आधार जाहीर किये । उनका सलाहकार था प्रोव्हिजनल वेज कमिशन और कॅफे द कोरल ग्रुपके कार्यकारी अध्यक्ष मायकेल चान यु कॉंग इस कमिशनके सदस्य थे । Continue reading ‘हॉंगकॉंगके वैश्विक फास्ट फूड ऑपरेटर खेल रहे है उपास और वेतन कटौती का खेल’

“ मजदूर सद्-भावना कुटी ” SPKMF के सदस्योंकी उनके परीवारोंके साथ वेतनके लिए बहसके अधिकार पानेके लिए रॅली ।
दो महिनोंके ट्रेड युनियन आंदोलन तथा चर्चामे आय यु एफसे जूडे मिवॉन फूड्स वर्कर्स युनियन (SPKMF) पीटी किरीन मिवॉन फूड्स के साथ एक करारनामेतक पहूंची है जिसमे वेतनके लिए बहसके युनियनके अधिकारको संरक्षण दिया गया है । यह एक ऐतिहासिक जीत है क्युं की पहली बार किसी युनियनको पीटी किरीन मिवॉन कंपनीसे (जपानकी बहुराष्ट्रीय कंपनी किरीन और कोरीया के डायझॅंगकी दक्षिणी सुमात्राके लॅंपंग स्थित जॉइंट व्हेंचर कंपनी) वेतनकी बहसमे कामयाबी हासील हुई है ।
SPKMF ने जनवरी 2010 मे बहसका प्रस्ताव रखा । लेकिन मार्च तक युनियन और व्यवस्थापनके बीच एकभी मिटींग नही हुई । अप्रैलमे बहस टूटी और इसलिए SPKMF के सदस्योंने कृती कार्यक्रमोंकी शृंखला चलायी । इसमे रॅली निकाली, फॅक्टरीके गेटके सामने मजदूरोंके परीवारोंने और लॅंपंगके अन्य फॅक्टरीयोंके मजदूरोंने SPKMF के समर्थन मे निदर्शन किये । किरीन मिवॉनका वेतनकी बहसके अधिकारके लिए चलाया गया यह संघर्ष प्रातिनिधीक है जो इंडोनेशियाके सभी औद्योगिक संघर्षोंका प्रतिनिधीत्व करता है जहां मजदूरोंके वेतनकेलिए बहसके अधिकारको नाकारा जाता है । Continue reading ‘इंडोनेशियाके किरीन मिवॉन फूड्समे युनियनने पाया वेतनकेलिए बहसका अधिकार’
2004 मे जैसेही भारतके डायनॅमिक्स डेअरी इंडस्ट्रीजमे यु एसके स्क्रेइबर फूड्स इन्कॉर्पोरेशनको 51 प्रतिशत हिस्सा मिला, भारतका एक अग्रीम दूध प्रक्रिया प्लॅंट एक जागतिक कंपनीमे तबदील हो गया ।
स्केइबर चीजके उत्पादनोंके अलावा फॅक्टरी ब्रॅंडेड डेअरी पेय तथा नेस्ले, जीएसके, पेप्सीको और युनिलिव्हर जैसी प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियोंकेलिए शीतपेय बनाती है । भारतभरमे मॅकडॉनल्ड्स तथा पिझ्झा हटमे चीझकी सप्लायभी इसी फॅक्टरीसे होती है ।
कटींग एज तकनीकके तथा वैश्विक ब्रॅंडके उत्पादनकेलिए नइ लागतके बावजूद स्क्रेइबर डायनॅमिक्स डेअरीज कॉप्लेक्समे सभी प्लॅंट्समे मिलकर आधेसे ज्यादा मजदूर ठेका मजदूरीमे है – 393 मजदूर ठेका मजदूर है और 384 मजदूर स्थायी मजदूर है । कुल 128 मजदूर महिलाओंमे 125 महिला ठेका मजदूर है और सिर्फ 3 महिला स्थायी मजदूर है । Continue reading ‘भारतमे स्क्रेइबर – डायनॅमिक्स डेअरीमे बडी तादातमे ठेका मजदूरोंको एकसाथ कामसे निकाला जाना और राजकीय दमन’
युनायटेड स्टेट्सके मजदुरोंने आठ घंटेके दिनके लिए एक मई इस दिनसे संघर्ष शुरु किया था और 1980 से विश्वभरमे यह आंतरराष्ट्रीय मजदुर दिन कहकर मनाया जाने
लगा । इसकी ताकद उसके विश्वव्यापी स्वरुपमे है । यह वह दिन है जब विश्वके सभी मजदुर एकसाथ उनके समान उद्देशोंकेलिए संघर्ष के प्रति अपनी कटीबद्धता जाहीर करते है । Continue reading ‘मई दिन संदेश’